मां बाप का प्यार भी नही हुआ नसीब इस कॉमेडियन एक्ट्रेस को , जमीन विवाद को लेकर माँ बाप की करदी थी हत्या

मां बाप का प्यार भी नही हुआ नसीब इस कॉमेडियन एक्ट्रेस को , जमीन विवाद को लेकर माँ बाप की करदी थी हत्या

टुन टुन नाम की महिला को तो हार कोई जानता होगा , अगर नही जानते तो आपको बताते हैं वह 60 के दशक की सिंगर और एक्ट्रेस थी । टुन टुन वह पहली महिला कॉमेडियन थी जिसके स्टेज पर आते ही लोग पागल हो जाते थे , खुशी से लोटपोट हो जाते थे । आपको बता दे टुन टुन बुलाने की भी एक वजह थी उन्हे टुन टुन इसलिए बुलाते थे की वह मोटी थी , लेकिन उनका असल नाम उमा देवी खत्री था । उस समय गायिका का कोई स्कोप नही था लेकिन फिर भी टुन टुन की आवाज में अलग सी मिठास थी , जब भी वह गाती थी तो मानो ऐसा लगता था जैसे नूरजहां और शमशाद बेगम गा रही हो । बचपन से ही उन्हे गाना गाने का बहुत शोक था । जब भी रेडियो पर कोई भी गाना आता था तो वह उसका बहुत प्रयास करती थी ।

टुन टुन को बचपन से ही शोक था वह अपना नाम ऊंचा करे मुंबई में जा कर सिंगिंग को अपना कैरियर बनाए , लेकिन उस जमाने में पढ़ाई को ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता था तो गायिका को क्या दिया जाएंगा ध्यान । लेकिन उनकी किस्मत बहुत अच्छी थी उनका तो बॉलीवुड के बड़े परदे पर उनका नाम लिखा था ।

एक समय की बात हैं टुन टुन की सहेली बॉलीवुड के बहुत से फिल्मवालो को जानती थी , तो टुन टुन भी बोरी बिस्तरा बांध कर उनके साथ जा कर सीधा निकल पड़ी मुंबई की और । और जा कर नौशाद जी के दरवाजे पर दस्तक दी , वही जिद्द करने लगी उनसे की अगर आपने मौका नहीं दिया तो मैं यही से कूदकर समुंदर में जान दे दूंगी ।

टुन टुन की किस्मत 1947 में चमकी ।टुन टुन की जिद के बाद नौशाद जी ने टुन टुन को एक छोटा सा मौका दिया तो उनका गाना सुनकर नौशाद जी बहुत खुश हुए , और साथ साथ उन्हे काम भी दे दिया ।

इसके बाद किसी ने दिल्ली में टुन टुन को नितिन बॉस के असिटेंट जावेद हुसैन का पता दिया था , उनसे आ कर वह मुंबई में मिली और उन्हे मौका दिया फिर हुई उनकी जिंदगी की उड़ान 1947 में उन्होंने फिल्म ‘दर्द’ में ‘अफसाना लिख रही हूं’ गाना गाकर अपने कैरियर की शुरुवात की । इस गाने ने रातों रात टुन टुन के कैरियर को ऐसा चमकाया फिर टुन टुन कभी नही रुकी ।

आपको यह जानकर हैरानी होगी टुन टुन का गाना एक पाकिस्तानी अख्तर अब्बासी काजी को इतना पसंद आया की वह अपना पाकिस्तान छोड़ कर भारत आ गए , और टुन टुन से शादी करली । माना जाता हैं की वह टुन टुन को पहले से जानते थे । टुन टुन ने फिर कभी नही रुकी लगातार एक के बाद एक 45 गाने गए उन्होंने । प्रेगनेंट और शादी होने के बाद उन्होंने फिल्मों से ब्रेक ले लिया था। टुन टुन के पति अख्तर एक छोटी मोटी नौकरी करते थे लेकिन परिवार बड़ता गया , खर्चे भी बढ़ते गए साथ साथ उनकी सैलरी भी कम पड़ने लगी।

टुन टुन का वजन लगातार बड़ता जा रहा था बच्चा होने के बाद , लेकिन नौशाद जी ने टुन टुन की काबिलियत और ईमानदारी को देखकर एक और मौका दिया फिल्म ‘बाबुल’ में टुन टुन ने अपना जादू दिखाया । उसके बाद टुन टुन अपने 5 साल की मेहनत में उन्होंने 200 फिल्मों में काम किया । देखते ही देखते वह कॉमेडी स्टार भी बन गई । 90 दशक में उनके पति की मृत्यु हो गई, उसके बाद से टुन टुन ने अपने आप को फिल्मों की दुनिया से दूर कर लिया ।

आपको यह जान कर हैरानी होगी की टुन टुन के मां बाप और उसके भाई की हत्या करदी थी एक जमीन के विवाद को लेकर । टुन टुन ने अपनी दुख भरी कहानी अपने गुजरने से दो दिन पहले सुनाई थी उन्होंने बताया था की मैं बिल्कुल भी नही जानती हु की मेरे बाप कैसे दिखते थे जब मैं 2.5 साल की थी तब मेरे मां बाप की हत्या कर दी गई थी । मेरा एक भाई भी था मुझे अच्छे से याद है जो की 8 या 9 साल का होगा जब उसकी हत्या की तब मैं 5,6 साल की थी ।

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