16 की उमर में सुनने की क्षमता खो देने के बावजूद , upsc परीक्षा में सातवी रैंक प्राप्त की और बन गई Ias अधिकारी

16 की उमर में सुनने की क्षमता खो देने के बावजूद , upsc परीक्षा में सातवी रैंक प्राप्त की और बन गई Ias अधिकारी

वो कहावत तो जरूर सुनी होगी आपने की अगर हम किसी चीज को दिल से पाने की कोशिश करते हुए उसके लिए दिन रात मेहनत करते है तो वह हमे जरूर मिलती है । ऐसे ही हम आपको आज ऐसे आईएस अधिकारी के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत संघर्ष किया और उनकी जिंदगी में मुसीबतें भी बहुत आई । इतना सब होने के बाद भी उन्होंने पहली बारी में ही इस परीक्षा को पास कर लिया । आपको बता दे इन आईएएस अधिकारी का नाम सौम्या शर्मा है इनकी बचपन में ही सुनने की शक्ति चली गई थी । सुनने की क्षमता खो देने के बावजूद भी इन्होने हार नही मानी और आईएस की तयारी भी की । आपको बता दे इन्होंने पहली बार में पास ही नही बल्कि महज 4 महीनो के भीतर प्रीलिम्स परीक्षा को पास करके यूपीएससी परीक्षा में टॉप रैंक हासिल की । चलिए आपको बताते है सौम्या शर्मा की जिंदगी में क्या क्या मुश्किलें आई और उन्होंने क्या क्या सामना करना पड़ा ।

कोन है कहा रहती है( Ias saumya Sharma )
आईएस सौम्य शर्मा

सौम्य शर्मा दिल्ली की रहने वाली एक मिडल क्लास फैमिली से है । अगर उनके माता पिता की बात करे तो वह दोनो पेशे से डॉक्टर है । उन्होंने अपनी शुरुवाती पढ़ाई दिल्ली से की है । वह पढ़ाई में बहुत होशियार थी इन्होंने अपने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के पढ़ाई में काफी अच्छे अंक प्राप्त किए थे । आपको यह भी बता दे सौम्य ने छोटी सी उम्र में ही अपनी सुनने के क्षमता को कम से कम 80-90 फीसद खो दिया था । इसके बाद उन्होंने साउंड एम्प्लीफायर का सहारा लेना पड़ा अपनी जिंदगी में । सौम्य ने अपनी हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एलएलबी करने का फैसला लिया तो उन्होंने 2017 में दिल्ली की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई को पूरा किया । उसके बाद उन्हे और पड़ने की चाह थी तो उन्होंने एलएलबी के पढ़ाई के दौरान यूपीएससी की परीक्षा देने का फैसला लिया यूपीएससी परीक्षा की तयारी भी एलएलबी की पढ़ाई के समय दिन रात मेहनत करके शुरू कर दी ।

महज 4 महीने के भीतर ही प्रीलिम्स की परीक्षा को क्वालीफाई किया

आपको बता दे सौम्या पढ़ाई में इतनी होशियार थी उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा को ना सिर्फ पहली ही बार में पास किया बल्की महज 4 महीनो के भीतर प्रीलिम्स की परीक्षा को पास किया । एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया की जब मैं परीक्षा देने जा रही थी उस दिन मुझे बहुत तेज बुखार आ गया । लेकिन कहते है ना जहा चाह होती है वहा राह भी होती है तो मैने उस समय चॉकलेट खा कर परीक्षा को पास किया । उन्होंने आगे बताया की मै तयारी इतनी करके गई थी की मुझे इन सब से कोई खास फर्क नहीं पड़ा ।

सौम्य शर्मा युवाओं को भी यही सलाह देती है की वह जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा रिवीजन पर ध्यान दे । जितना हो सके अखबार पड़े अपनी जनरल नॉलेज के लिए और किताबो का चयन सावधानी से करे । सौम्य ने अपने ऑप्शन सब्जेक्ट में लॉ को ले रखा था इसलिए उन्हें ज्यादा दीकत नही आई ।

7वि रैंक हासिल कर बन गई आईएएस अधिकारी

सौम्य शर्मा में जुनून था कुछ करने का उन्होंने कड़ी मेहनत कर 2017 में यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर मां बाप का नाम रोशन कर दिया था । सौम्या ने 2017 में पूरे देश का नाम रोशन कर सातवी रैंक हासिल कर ली थी । अच्छे रैंक आते ही वह आईएएस अधिकारी घोषित हो चुकी थी । सौम्या के माता पीता बेटी के आईएएस अधिकारी बनता देख खुशी से झूम उठे थे । इस समय सौम्य दिल्ली में उप मजिस्ट्रेट के तौर पर कार्यरत है । ये उन लोगो के लिए एक प्रेरणा है जो अपनी जिंदगी में जल्द ही हर मान जाते है । जो यह सोचते है की उनसे कुछ नही होगा । एक साधारण परिवार से तालुकात रखने वाली सौम्या जिसकी सुनने की क्षमता जा चुकी थी अगर वो कर सकती है तो हम सब क्यू नही । अगर आज बुरा दिन है तो टूटना मत एक नया सवेरा भी जरूर होगा ।

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